Sri Ram Charit Manas, Ayodhya kand 106, को कहि सकइ प्रयाग प्रभाऊ। कलुष पुंज कुंजर मृगराऊ॥ अस तीरथपति देखि सुहावा। सुख सागर रघुबर सुख पावा॥गोस्वामी तुलसीदास

 




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