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Sri Ram Charit Manas, Bal kand 224 | पुर पूरब दिसि गे दोउ भाई। जहँ धनुमख...
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Sri Ram Charit Manas, Bal kand 223 | बोली अपर कहेहु सखि नीका। एहिं बिआह ...
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Sri Ram Charit Manas, Bal kand 222 | देखि राम छबि कोड एक कहई। जोगु जानकि...
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Sri Ram Charit Manas, Bal kand 221 | कहहु सखी अस को तनु धारी। जो न मोह य...
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Personality Development and Sri Ramcharit Manas | व्यक्तित्व विकास और श्...
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Kamayani, Ida Sarg 11, UGCNET HINDI, मनु! तुम श्रद्धा को गये भूल उस पूर्...
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Kamayani, Ida Sarg 10, UGCNET HINDI | था एक पूजता देह दीन, दूसरा अपूर्ण ...
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Kamayani, Ida Sarg 09, UGCNET HINDI, जीवन का लेकर नव विचार जब चला द्वन्द...
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Kamayani,Ida Sarg 8, UGCNETHINDI, यों सोच रहे मनु पड़े श्रांत श्रद्धा का...
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Kamayani, Ida Sarg 7, UGCNET HINDI, यह उजड़ा सूना नगर प्रांत जिस में सुख...
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Old Age Issues and Hindi Literature | हिंदी साहित्य और वृध्द विमर्श (In...
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Kamayani, Ida Sarg 06, UGCNET HINDI | जीवन-निशीथ के अन्धकार ! तू घूम रहा...
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Kamayani, Ida Sarg 05, UGC NET HINDI | जीवन-निशीथ के अंधकार! तू नील तुहि...
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Kamayani, Ida Sarg 04, UGC NET HINDI | इस दुखमय जीवन का प्रकाश नभ-नील लत...
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Kamayani, Ida Sarg 03, UGC NET HINDI | अपनी ज्वाला से कर प्रकाश,जब छोड़ ...
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Kamayani, Ida Sarg 02, UGC NET HINDI | देखे मैंने वे शैलश्रृंग, जो अचल ह...
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Kamayani, Ida Sarg 01, UGC NET HINDI | "किस गहन गुहा से अति अधीर, झंझा-प...
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Subramaniya Bharathiyar | राष्ट्रीय एकता का स्वर व राष्ट्र कवि सुब्रह्मण...
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किन्नर समुदाय के अनछुए तथ्यों का सफल अंकन ‘मैं हिजड़ा...मैं लक्ष्मी’
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किन्नर समुदाय के अनछुए तथ्यों का सफल अंकन ‘ मैं हिजड़ा...मैं लक्ष्मी ’ प्रो. एस.वी.एस.एस. नारायण राजू SANSKRIT पुस्तक भारती रिसर्च जर्नल, ISSN No. 2562-6086 Pustak Bharati, Toronto, Canada, A Peer Reviewed Journal, त्रैमासिक शोध पत्रिका, वर्ष – 4, अंक - 3 जुलाई – सितंबर, 2022. यह सर्व विदित सत्य है कि तथाकथित सभ्य समाज में तृतीयपंथी व तृतीय लिंगी समुदाय को हाशियागत किया गया. जिसके कारण यह समुदाय शिक्षा,रोजगार, समाज, परिवार,रिश्ते-नाते,संस्कृति और सभ्यता से वंचित रहा. किन्नर समुदाय के अधिकांश बच्चों को जन्म से किसी न किसी किन्नर गुरु के हाथ सौंप दिया जाता है. परंतु उन सभी में से लक्ष्मीनारायण त्रिपाठी की भी कहानी कुछ ऐसी ही है. वह अपनी आत्मकथा की आरम्भिक पंक्तियों में लिखती है कि- “ ठाणे में मेरा घर है, येऊर की तलहटी के पास. घर की खिड़की से येऊर पर्वत को बिल्कुल बाँहों में भर सकते हैं, इतना नजदीक दिखाई देता है. मेरे घर की खिड़की और पर्वत, इनके बीच में एक छोटा-सा टीला है. हरी आस ओढ़े हुए. गाय-बखेरू हमेशा चरते हैं उस पर, हमे...
Sri Ram Charit Manas, Uttar Kand 30, UGCNET HINDI | जहँ तहँ नर रघुपति गु...
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Sri Ram Charit Manas, Uttar Kand 29, UGCNET HINDI | दूरि फराक रुचिर सो घ...
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Sri Ram Charit Manas, Uttar Kand 28, UGCNET HINDI | सुमन वाटिका सबहिं लग...
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Sri Ram Charit Manas, Uttar Kand 27, UGC NET HINDI | नारदादि सनकादि मुनी...
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Sri Ram Charit Manas, Uttar Kand 26, UGC NET HINDI | प्रातकाल सरऊ करि मज...
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Sri Ram Charit Manas, Uttar Kand 25, UGC NET HINDI | सेवहिं सानकुल सब भा...
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Sri Ram Charit Manas, Uttar Kand 24, UGC NET HINDI | कोटिन्ह बाजिमेध प्र...
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Sri Ram Charit Manas, UttarKand 23, UGC NET HINDI | फूलहिं फरहिं सदा तरु...
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Sri Ram Charit Manas, Uttar Kand 22, UGC NET HINDI | भूमि सप्त सागर मेखल...
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Sri Ram Charit Manas, Uttar Kand 21, UGC NET HINDI | दैहिक दैविक भौतिक त...
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Sri Ramcharit Manas, UttarKand Prayer| केकीकण्ठाभनीलं सुरवरविलसद्विप्रपा...
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Vinay Patrika 91, Tulasidas | नाचत ही निसि दिवस मर्यो तब ही तें न भयो। व...
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Vinay Patrika 90, Tulasidas | ऐसी मूढ़ता या मन की।परिहरि राम-भक्ति। विनय...
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Vinay Patrika 88, Tulasidas | कबहूँ मन विस्राम न मान्यो।निस-दिन भ्रमत। व...
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Vinay Patrika 87, Tulasidas | सुन मन मूढ़ ! सिखावन मेरो। हरिपद-बिमुख। वि...
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Vinay Patrika 76, Tulasidas | राम को गुलाम, नाम 'रामबोला' राख्यो राम। वि...
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Tulasidas, Vinaya Patrika pad 75 | खोटो खरो रावरो हौं, रावरे सों झूठ क्य...
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