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Sri Rama Raksha Stotram with Meaning, श्री राम रक्षा स्तोत्रम् और व्याख्...

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Sri Ramcharitmanas, Bal kand 06 | खल अघ अगुन साधु गुन गाहा । उभय अपार उद...

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Vidyapati Padavali 217, UGC NET HINDI | अनुखन माधब माधब सुमरइते, सुन्द...

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Sri Ramcharitmanas, Bal kand 05 | मैं अपनी दिसि कीन्ह निहोरा। तिन्ह निज ...

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Vidyapati Padavali 190 | UGC NET HINDI | मधुपुर मोहन गेल रे, मोर बिहरत छ...

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Sri Ramcharitmanas, Bal kand 04 | बहुरि बंदि खल गन सतिभाएँ। जे बिनु काज ...

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Sri Ramcharitmanas, Bal kand 03 | मज्जन फल पेखिअ ततकाला। काक होहिं पिक ब...

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Sri Ramcharitmanas, Bal kand 02 | गुरु पद रज मृदु मंजुल अंजन। नयन अमिअ...

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Sri Ramcharitmanas, Bal kand 01 | बंदउँ गुरु पद पदुम परागा । सुरुचि सुब...

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जो सुमिरत सिधि होइ गन नायक करिबर बदन।करउ अनुग्रह सोइ, तुलसीदास Sri Ramch...

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वर्णानामर्थ संघानां रसानां छन्द सामपि । मंगलानां, तुलसीदास. Sri Ramchar...

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Vidyapati Padavali 178 UGC NET HINDI | नाच रे तरुनिहु तेजहु लाज, आएल, वस...

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Mohanrakesh : Aadhe Adhure, स्त्री और पुरूष-अनिश्चित व घटनाहीन जिन्दगी क...

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Vidyapati Padavali 174 UGC NET HINDI | माघ मास सिरि पंचमि गंजाइलि, नवम म...

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Vidyapati Padavali 145 UGCNET HINDI | माधव, दुरजए मानिनि मानि,विपरित चरि...

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Vidyapati Padavali 144 | UGC NET HINDI | मधु सम बचन कुलिस सम मानस, प्रथम...

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Sri Ramcharitmanas, Uttarkand 40, UGC NET HINDI | लोभइ ओढ़न लोभइ डासन । ...

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Vidyapati Padavali 141 | UGC NET HINDI | बिरह व्याकुल बकुल तरुतर, पेखल न...

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Sri Ramcharitmanas, Uttarkand 39 UGCNET HINDI | सुनहु असंतन्ह केर सुभाऊ।...

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Vidyapati Padavali 72 | UGC NET HINDI | सुंदरि चललिहु पहु घर ना। चहु दिस...

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Sri Ramcharitmanas, Uttarkand 38 UGCNET HINDI | बिषय अलंपट सील गुनाकर । ...

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Vidyapati Padavali 62 | UGC NET HINDI | प्रथमहि अलक तिलक लेब साजि। चंचल ...

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Sri Ramcharitmanas, Uttarkand 37 UGC.NET HINDI | करउँ कृपानिधि एक ढिठाई।...

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अभिनय और दृश्य योजना का सफल प्रयोग : 'सूर्य की अंतिम किरण से सूर्य की पह...

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Sri Ramcharitmanas, Uttarkand 36 UGC.NET HINDI | सनकादिक बिधि लोक सिधाए।...

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Sri Ramcharitmanas, Uttarkand 35 UGC.NET HINDI | देहु भगति रघुपति अति पा...

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Kamayani, Ida Sarg 21, UGCNET HINDI | अभिशाप प्रतिध्वनि हुई लीन नम- सागर...

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Kamayani, Ida Sarg 20, UGCNET HINDI | तुम जरा-मरण में चिर अशांत जिसको अब...

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Kamayani, Ida Sarg 19, UGCNET HINDI, | जीवन सारा बन जाय युद्ध उस रक्त, ...

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Sri Ramcharitmanas, Uttarkand 34 UGC.NET HINDI | सुनि प्रभु बचन हरषि मुन...

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Kamayani, Ida Sarg 18, UGCNET HINDI, | संकुचित असीम अमोघशक्ति जीवन को बा...

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अभिनय और दृश्य योजना का सफल प्रयोग : 'सूर्य की अंतिम किरण से सूर्य की पहली किरण तक'

  अभिनय और दृश्य योजना का सफल प्रयोग : ' सूर्य की अंतिम किरण से सूर्य की पहली किरण तक ' आचार्य. एस.वी.एस.एस.नारायण राजू. आलोचन दृष्टि Aalochan Drishti, ISSN No:  2455-4219 An International Peer Reviewed Refereed Research Journal of Humanities Year – 8, Volume – 33 July – September, 2023. यह सर्व विदित सत्य है कि नाटक का मूलाधार रंगमंच है . इसीलिए नाटककार रंगमंच के आधार पर ही नाटक का सृजन करता है. सफल नाटककार को रंगमंच की स्पष्ट परिकल्पना होती है जिसके अभाव में नाटक लिखा तो जाता है पर रंगमंच पर प्रदर्शित नहीं होता. नाटक का रंगमंचीय होना अत्यंत महत्वपूर्ण है. सफल रूप से प्रदर्शित नाटक को ही सफल नाटक माना जाता है. नाटककार नाटक की रचना रंगमंच पर प्रदर्शित करने के लिए ही करते हैं. नाट्य लेखन का उद्देश्य ही है उसे रंगमंच पर प्रदर्शित करना. प्रसिद्ध आधुनिक नाटककार मोहन राकेश , लक्ष्मीनारायण लाल और सुरेन्द्र वर्मा भी इसी मत में विश्वास रखते हैं कि जो नाटक प्रदर्शन की क्षमता से वंचित हो , वह सफल नाटक नहीं है. रंगमंचीय विशेषताओं को अभिनय , रंग सज्जा तथा परदे , ध्वनि एवं प...

Kamayani, Ida Sarg 17, UGCNET HINDI, वह प्रेम न रह जाये पुनीत अपने स्वार...

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Kamayani, Ida Sarg 16, UGCNET HINDI, अनवरत उठे कितनी उमंग चुंबित हों आं...

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Sri Ramcharitmanas, Uttarkand 33 UGC.NET HINDI | कीन्ह दंडवत तीनिउँ भाई।...

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Kamayani, Ida Sarg 15, UGCNET HINDI, यह अभिनव मानव प्रजा सृष्टि द्वयता म...

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Sri Ramcharitmanas, Uttarkand 32 UGCNET HINDI | भ्रातन्ह सहित रामु एक बा...

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